बच्चों के लिए ऐतिहासिक कल्पना-कथाएँ कैसे लिखें

By on मार्च 7, 2017 in Fiction, लेखन युक्तियाँ

बच्चों के लिए ऐतिहासिक कल्पना-कथाएँ कैसे लिखें

ऐतिहासिक कल्पना-कथाओं को लिखने में आने वाली चुनौतियोँ में से एक यह है कि आपको एक तरह से साहित्यिक कलाबाजियाँ खानी पड़ती हैं – ऐतिहासिक सटीकता की साद़ृश्यता बनाए रखते हुए आपको एक बढ़िया कहानी कहनी है। यह कठिनाई और भी दुरूह हो जाती है यदि आप ऐतिहासिक कल्पना-कथा बच्चों के लिए लिख रहे हैं, क्योंकि अब आपको इसे बच्चों के लिए पर्याप्त सरल तथा रोचक बनाना है। यदि आप अपने-आप को इस अनिश्चित परिस्थिति में पाते हैं, तब इस जानकारी से थोड़ी राहत का अनुभव कीजिए  कि आप अकेले नहीं हैं परंतु दूसरे लेखक भी हैं जो इस दुविधा से ग्रस्त होते हैं। इसमें कृतज्ञता इस बात की है कि आपके लिए इस प्रक्रिया को कम कठिन बनाने के लिए कुछ चीजें सहायक हो सकती हैं, उदाहरण के लिए:

पहले निर्धारित कार्य: शोध करें

यदि आपमें ज्ञान का अभाव है, तब किसी भी पाठ्य की रचना करने में आपको कठिनाई होगी। बच्चों के लिए ऐतिहासिक कल्पना लिखते हुए इस कठिनाई की मात्रा दोगुणी हो जाती है। इससे पहले कि आप अधिकांश विचारों को उनके सत्व में सारभूत करते हैं (जिसे इन्हें बच्चों के लिए मित्रवत बनाने के लिए करना पड़ेगा), इन्हें पूरी तरह से समझना आपके लिए आवश्यक है।  इसलिए प्रचुर शोध कीजिए और पहला प्रारूप लिखने से पहले ही उस विषय पर निपुणता प्राप्त करने में कोई भी कसर नहीं रखिए।

कहिए नहीं, दर्शाइए

पाठकों को तथ्यों ऐतिहासिक सूचना की ढेर के नीचे नहीं दबाइए। बच्चे “उबाऊ” ऐतिहासिक तत्वों में कभी-कभार ही रुचि लेते हैं। आपके लिए अपने पात्रों को वातावरण, लोगों तथा कहानी के अन्य तत्वों के  के साथ प्रतिक्रिया कराना आवश्यक है, और तब प्रतिक्रिया का प्रदर्शन के रूप में उपयोग करते हुए ऐतिहासिक सूचना को प्रकाश में लाना चाहिए। यह बच्चों के द्वारा आत्मसात किया जाना आसान बना देगा। वास्तव में, यह सन्निकर्ष आयु की सीमाओं से परे है – साधारणतः लोग उस सूचना के लिए अधिक ग्रहणशील होते हैं जब इसे कहानी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

संदर्भ के संबंध में जागरूक रहें

इतिहास लिखने के गुप्त-संकटों में से एक यह भी है कि अधिकांश लेखक संदर्भ के संबंध में भूल जाते हैं। सामाजिक आचार-विचार तथा प्रौद्यौगिकी निरंतर परिवर्तन की अवस्था में रहते हैं। आप आधुनिक  नैतिक मापदंडों का प्रयोग करते हुए कुछ आकृतियों पर राय देने के लिए प्रलोभित हो सकते हैं, यद्यपि यह उस काल में प्रयोज्य नहीं भी हो सकता है। याद रखिए कि आप प्रभावित होने योग्य मस्तिष्कों के लिए लिख रहे हैं, और उनकी राय को अपनी राय के रंग में रंग डालना आसान हो सकता है। व्यक्तिगत मोड़ों को न्यूनतम करते हुए सूचना प्रस्तुति को अधिक महत्व दीजिए।

शोध के लिए इंटरनेट का उपयोग करते हुए सतर्क रहिए

यदि केवल सामान्य ज्ञान की बात हो तब यह कोई बड़ी समस्या नहीं है (जैसे यह मार्गदर्शक है जिसे आप अब पढ़ रहे हैं), परंतु जब ऐतिहासिक सूचना की बात आती है, तब इंटरनेट का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए। इंटरनेट त्रुटिपूर्ण, गलत, या पूर्णतः मिथ्या ऐतिहासिक सूचना से भरा है। यह ऐच्छिक हो या नहीं, परंतु गलत सूचना होती है, क्योंकि तथ्योंकी जाँच करने के लिए कोई भी उपाय नहीं है। गलत सूचना, भीड़ के द्वारा देख-रेख किए गए वीकीपेडिया पर भी प्रकट होती है, इसलिए शोध करते समय जागरूक रहें। जितना संभव हो सके, वेबसाइट्स को आरंभ बिंदु पर उपयोग करें परंतु अपना शोध पुस्तकों पर ही आधारित करें।

अंत में, छोटे-छोटे विवरणों पर अधिक चिंता नहीं कीजिए

100%  यथार्थता के लिए प्रयास नहीं कीजिए। आप कुछ सूचित अनुमान लगा सकते हैं, क्योंकि संयोग हैं कि यदि आप सभी चीजों की शीघ्र जाँच करने पर भी निर्भर करते हैं, तब भी संयोग हैं कि पाठक कुछ न कुछ त्रुटियाँ निकाल सकते हैं। लिखने की प्रक्रिया के साथ कुछ आमोद कीजिए और यह सुनिश्चित कीजिए कि कि आप उसी प्रकार का आनंद पाठकों को भी देने जा रह हैं। यही इस विधा की आधारभूत तथ्य है: कथित रूप से इतिहास की तरह एक  “उबाऊ” विषय लीजिए और इसे बच्चों के लिए मजेदार बनाइए।

Image credit: Franklin Park Library on flickr and reproduced under Creative Commons 2.0

Hiten Vyas is the Founder and Managing Editor of eBooks India. He is also a prolific eBook writer with over 25 titles to his name.

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