किसी भी कहानी और उपन्यास में चरित्र-चित्रण करना पर्याप्त कठिन होता है। सभी पात्रों को जीवंत, परिपूर्ण और इन सबसे महत्वपूर्ण है कि वास्तविक बनाना पड़ता है। दुनिया सही नहीं है, और अक्सर अच्छे लोगों के साथ खराब चीजें होती हैं, यही कारण है कि कल्पना साहित्य में मानसिक-आघात से आहत अग्रणी सर्वनिष्ठ हैं। और वे सर्वव्यापी हैं – जिसका अर्थ है कि वे रोमांस, विज्ञान कल्पना साहित्य, नाटकों … [Read more...] about उन पात्रों को कैसे लिखें जिन्होंने हृदय-विदारक मानसिक आघातों का अनुभव किया है
अपने लिखने की शैली में सुधार कैसे करें
लिखने की शैली आपकी कहानी का उल्लेख नहीं करती। जिस ढंग से इसे लिखा गया है, और वाक्यों, पैरग्राफों और अंत में अध्यायों तथा उपन्यास की रचना करने के लिए जिस तरह से आप शब्दों को पिरोते हैं, यह कहानी के निष्पादन का उल्लेख करती है। शैली सिखाई नहीं जा सकती, इसका अनुकरण नहीं किया जा सकता या इसे सीखा नहीं जा सकता। यदि आप लिखते हैं, तब आपकी एक शैली है, जो संक्षिप्त और प्रासंगिक हो सकती … [Read more...] about अपने लिखने की शैली में सुधार कैसे करें
5 विपणन गलतियाँ जो आपके पुस्तक व्यापार के लिए घातक हैं
किसी अन्य व्यापार के समान, पुस्तकें बेचना भी कठिन कार्य है। यह उन व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से कठिन है जो इसे किसी प्रोफेशनल-सहायता के बिना स्वयं करते हैं। यदि कोई नामी-गिरामी प्रकाशक आपके स्वार्थों की देख-रेख कर रहा है, तब चीजें आपके लिए बहुत आसान हो जाएँगी और बहुत से रास्ते खुल जाएँगे। परंतु सभी को यह अवसर नहीं मिलता। अपनी पुस्तक का प्रचार-प्रसार का प्रयास स्वयं करते हुए … [Read more...] about 5 विपणन गलतियाँ जो आपके पुस्तक व्यापार के लिए घातक हैं
अपने पुस्तक की ट्रेलर भीड़ से अलग कैसे दिखाएँ
पुस्तक विज्ञापन में पुस्तक ट्रेलर (झंकियाँ) अपेक्षाकृत एक नया तथ्य है, परंतु यह जोर-शोर से चल निकला है। प्रत्येक लेखक अब पुस्तक ट्रेलर बनाने की आवश्यकता अनुभव करता है। परंतु प्रस्तुत करने के लिए किसी चीज के बिना इसे अन्य हजारों ट्रेलर्स के बीच खो जाने की प्रवृत्ति होती है। यहाँ कुछ गुर दिए गए हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि आपके ट्रेलर आपके दर्शकों तक केवल पहुँचे ही नहीं, बल्कि … [Read more...] about अपने पुस्तक की ट्रेलर भीड़ से अलग कैसे दिखाएँ
भारतीय लेखक कैसे प्रकाशक ढूँढ़ कर उन तक पहुँच सकते हैं
भारत में बहुत से प्रतिभाशील लेखक हैं, और यह पुस्तकों के लिए एक विशाल बाजार भी है, जो निचोड़े जाने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है। यहाँ केवल अंगरेजी भाषा की पुस्तकें ही अधिक नहीं बिकती, परंतु कई क्षेत्रीय भाषाओं की भी टिकाऊ और सदा बढ़ते हुए पाठकों की भीड़ है। इस दृश्यावली में प्रकाशन गृह फल-फूल रहे हैं। कई पहली बार बने लेखक स्वयं-प्रकाशन का प्रयास करते हैं, परंतु प्रकाशन-गृह के संबल … [Read more...] about भारतीय लेखक कैसे प्रकाशक ढूँढ़ कर उन तक पहुँच सकते हैं